Territorial Army क्या आप प्रादेशिक सेना (Territorial Army) की समीक्षा समितियों के निष्कर्षों या उनके प्रभावों पर अधिक जानकारी चाहते हैं? या आप भारतीय प्रादेशिक बल अधिनियम, 1995 के प्रावधानों पर विस्तृत विवरण चाहते हैं?प्रादेशिक सेना (Territorial Army – TA) ने भारत की सुरक्षा और नागरिक सहायता अभियानों में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। युद्धकाल में इसकी इकाइयाँ सक्रिय रूप से शामिल रही हैं, और शांतिकाल में भी उन्होंने औद्योगिक सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, और आंतरिक सुरक्षा अभियानों में सहायता प्रदान की है।
प्रादेशिक सेना न केवल भारत की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, बल्कि प्राकृतिक आपदाओं और आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों में भी सरकार और नागरिकों की मदद करती है। यह सेना का एक अनूठा अंग है जो प्रशिक्षित नागरिकों को देश की सेवा करने का अवसर प्रदान करता है।
1. भर्ती प्रक्रिया
Territorial Army प्रादेशिक सेना में भर्ती प्रक्रिया मुख्य रूप से दो चरणों में होती है:
Recruitment Process for Officer Post
- ऑनलाइन आवेदन:
- उम्मीदवारों को आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन करना होता है।
- आवेदन के समय उम्मीदवार को अपने दस्तावेज़ अपलोड करने होते हैं।
- लिखित परीक्षा:
- परीक्षा में दो पेपर होते हैं:
- पेपर I: रीजनिंग और प्राथमिक गणित
- पेपर II: सामान्य ज्ञान और अंग्रेजी
- परीक्षा में दो पेपर होते हैं:
- साक्षात्कार (Interview):
- लिखित परीक्षा में सफल उम्मीदवारों को सेवा चयन बोर्ड (SSB) द्वारा साक्षात्कार के लिए बुलाया जाता है।
- चिकित्सा परीक्षण (Medical Examination):
- साक्षात्कार में सफल होने वाले उम्मीदवारों को सेना के मेडिकल स्टैंडर्ड के अनुसार जाँच की जाती है।
- प्रशिक्षण (Training):
- चयनित उम्मीदवारों को निर्धारित प्रशिक्षण के लिए भेजा जाता है।
Recruitment Process for Other Ranks
- सैनिक पदों के लिए भर्ती क्षेत्रीय भर्ती कार्यालयों (RO) के माध्यम से की जाती है।
- उम्मीदवारों को शारीरिक दक्षता परीक्षा (Physical Test), लिखित परीक्षा और मेडिकल टेस्ट पास करना होता है।
Territorial Army Eligibility Criteria
(i) शैक्षणिक योग्यता:
- अधिकारी पद के लिए उम्मीदवार का स्नातक (Graduation) पास होना आवश्यक है।
- अन्य पदों के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 10वीं या 12वीं पास हो सकती है।
(ii) आयु सीमा:
- अधिकारी पद के लिए 18 से 42 वर्ष (कुछ श्रेणियों में छूट दी जा सकती है)।
- अन्य पदों के लिए आयु सीमा अलग-अलग हो सकती है।
(iii) नागरिकता:
- उम्मीदवार भारतीय नागरिक होना चाहिए।
(iv) शारीरिक योग्यता (Physical Standards):
- सेना द्वारा निर्धारित मेडिकल और फिजिकल स्टैंडर्ड को पूरा करना आवश्यक है।
(v) सेवा शर्तें:
- उम्मीदवार को एक स्थाई नागरिक व्यवसाय में कार्यरत होना चाहिए या स्व-नियोजित (Self-Employed) होना चाहिए।
History of the Territorial Army
- 1612: अंग्रेजों ने अपनी व्यापारिक सुरक्षा के लिए पहली बार अंशकालिक सेना का गठन किया।
- 1920: भारतीय प्रादेशिक सेना (Indian Territorial Force) का गठन हुआ।
- 1948: भारत की स्वतंत्रता के बाद प्रादेशिक सेना अधिनियम, 1948 के तहत इसे पुनर्गठित किया गया।
- 1949: 9 अक्टूबर को पहला प्रादेशिक सेना शिविर आयोजित किया गया, जिसे “टीए दिवस” के रूप में मनाया जाता है।
- 1962, 1965, 1971: भारत-चीन और भारत-पाकिस्तान युद्धों में सक्रिय भागीदारी।
- 1999: कारगिल युद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- 2019: पहली बार महिलाओं को अधिकारी और अन्य रैंक में शामिल किया गया।
प्रादेशिक सेना की भूमिकाएँ
- नियमित सेना को गैर-सक्रिय (Static) कार्यों से मुक्त करना।
- प्राकृतिक आपदाओं और आपातकालीन परिस्थितियों में नागरिक प्रशासन की सहायता करना।
- आतंकवाद-रोधी और सुरक्षा अभियानों में सहयोग देना।
- पारिस्थितिक पुनर्वास (Ecological Task Force) के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण में योगदान देना।
Opportunities in Territorial Army
- यह सेना उन नागरिकों के लिए बेहतरीन अवसर है, जो अपने मुख्य पेशे को जारी रखते हुए सेना में सेवा देना चाहते हैं।
- भारतीय रेलवे, सार्वजनिक उपक्रमों और निजी क्षेत्र के कर्मचारी भी इसमें शामिल हो सकते हैं।
- सैनिकों को नियमित सेना जैसी सुविधाएँ मिलती हैं, हालांकि ग्रेच्युटी और पेंशन कुछ सेवा शर्तों पर निर्भर करती है।
निष्कर्ष
Territorial Army प्रादेशिक सेना भारतीय नागरिकों को अंशकालिक सैन्य सेवा करने का अवसर देती है। यह न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा में योगदान देने का माध्यम है, बल्कि नागरिकों को सेना का अनुभव प्राप्त करने का भी मौका देती है।